यात्रा संस्मरण - भाग 2
यहां यह कहते हुए मैं बिल्कुल संकोच नहीं करूंगा कि हमारे समेत लगभग सभी यात्री कम खर्च करने वाले थे और ज्यादा लोग LTC ले के आए थे। हमारी बस के दो ड्राइवर जिनमे एक कुक्कू सरदार जी था और दूसरा जाट था तीर्थ राम मस्त मौला थे | मौका मिलते ही भांग गांजे आदि का सेवन कर लेते थे | लंबी दूरी पर चलने वाले चालकों के लिए यह साधारण बात है। अब हम मुंबई पहुंच चुके थे और ड्राइवर को इंतज़ार था पैसों का जो की दिल्ली से आने थे। 3 दिन तक कोलीवाड़ा की झोपड़पट्टी के पास एक बड़े हाल में सभी यात्री रुके। मुंबई दर्शन अच्छी तरह किए,
gate way of India
ज्यादातर लोगों ने पहली बार समुंदर देखा था। इसके बाद निकल पड़े पश्चिमी घाट से होते गोवा की तरफ। रत्नागिरी के आस पास बस शौच आदि के लिए रुकी थी तो बहुत सी लीच थी और हमारे काफी सहयात्री पकड़ में आ गए, बगल में किसी ढाबे वाले से नमक आदि मिला तो जान छूटी।
गोवा पहुंच कर डोना पाला, अंजना और कलंगूट बीच, St. फ़्रांसिस चर्च, मंगेशी मंदिर के दर्शन किए | मौसम तो बारिश का था इसलिए बीच का आनंद सही तरीके से नहीं ले सके । रात वहीं किसी स्कूल के कमरे ले कर काटी। हुबली, धारवाड़ होते सुबह बैंगलोर पहुंच गए।
मजेस्टिक सर्किल के पास बड़े बड़े केलों का नाश्ता किया | लालबाग, विधान सभा देखते हुए मैसूर पहुंच गए। इससे पहले श्री रंगपट्टनम के पास कावेरी नदी में जम कर स्नान किया। महिलाओं ने भी स्नान व कपडे धोने का लुत्फ उठाया। मैसूर पहुंच कर बस वालों ने पहली बार किसी होटल में कमरा दिया। मैसूर एक शानदार जगह है घूमने के लिए भी और रहने के लिए भी | चौड़ी सड़के, बड़े बड़े चौराहे, महल, पहाड़ और खाने के होटल आदि यहाँ पर है। चामुंडा देवी, पैलेस, चिड़िया धर, वृंदावन गार्डन आदि सब मजेदार।
मैसूर से निकल बढ़े मदुरै की और, बहुत खतरनाक रास्ता था | तीव्र मो़ड, दस्युओं से भरपूर इलाका और रात्रि की यात्रा। सबने भगवान का नाम ले ले कर सफर काटा सुबह मदुरै पहुंच गए। दक्षिण के मंदिरों की पहली झलक थी, लाइन में लग गए दर्शनों के लिए। पहली बार धोती पहन कर देखा। बगल में ही बाज़ार में स्वादिष्ट दक्षिण भारतीय खाने का आनंद लिया।
क्रमशः
लीच बहुत है पश्चिमी घाट में..स्कूल में कमरे लेकर रुके वाह..route तो जबरदस्त है सर दिल्ली से मुंबई फिर मुंबई गोवा हाईवे से गोवा फिर धारवाड़ होकर बंगलौर मैसूर मदुरै....जबरदस्त घूमक्कड़ी की है उस समय आपने
ReplyDeleteधन्यवाद् प्रतीक जी
DeleteGajab sir👌👌
ReplyDeleteAsli yatra ka maza liya hai sir aapne...jab taxi hotels jaisi luxuries pe kam dhyan tha aur ghumne mein hi anand liya jata...🙏
ReplyDeleteजी , यात्रा का ही आनंद लिया, लग्जरी की तरफ कभी ज़्यादा ध्यान नहीं दिया।
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